Hindi Me Sikho

My New Blog Visit

आप सभी से निवेदन है की आप मेरा नया ब्लॉग को Visit करे यहाँ किल्क https://ansh1tech.blogspot.com/

Breaking News

(WELLCOME FRINDS) VinaY ComputeR No(01)Website &Mai Apako New New Jankari Deta Raho Ga & To Koe Bhi Taklif Ho To Comments Kare Like Kare Share Kare Thank You.....

Tuesday, February 27, 2018

3:57:00 AM

Domain Sell करके कैसे पैसा कमाये [Full Process]

Domain Sell करके कैसे पैसा  कमाये [Full Process]
Domain क्या है और एक अच डोमेन कितना जरुरी है वो तो आप जानते ही होगे, तो अगर आप बडिया डोमेन से पैसे कमाना कहते है तो आपको क्या करना है और कैसे Domain sell करते है तो आप इस पोस्ट को पूरा read करे...
 



Simple आपको Domain से पैसे कमाने के लिए सबसे पहेले बडिया डोमेन रेगिस्स्टर करना है फिर जिसको उस डोमेन की जरुरत है उसको जादा कीमत में sell करना है, इसकी क्या प्रोसेस है और कैसे होगा चलिए पूरी प्रोसेस को समाज लेते है.. 
Domain से पैसे कमाने का तरीका
सबसे पहेले बडिया डोमेन नाम search करे
डोमेन को रजिस्टर करे
जिसको उस डोमेन की जरुरत हो उससे contact करके जादा कीमत में Domain sell करे.. 


1. बडिया डोमेन नाम select करे
अगर डोमेन से पैसे कमाना है तो ये सबसे जादा जरुरी है की जो बडिया डोमेन है वही रजिस्टर करे, क्यू की अगर डोमेन अच नहीं होगा तो कोई उसको नहीं खरीदेगा और अगर डोमेन के जरिये पैसे कमाना है तो उसको sell तो करना ही पड़ेगा...
डोमेन ऐसा रजिस्टर करे जिसको किसी को जरुरत हो, या आपको लगता हो की ये डोमेन अछा है जिसको कोई भी खरीदना चाहे..

नोट: किसी भी Brand Name से डोमेन रजिस्टर करने से पहेले उनकी लीगल सतुतास जरुर चेक करे, नहीं तो वो काश करके डोमेन वापस ले सकते है..

जो भी डोमेन आपको बडिया लगता है वो रजिस्टर कर लीजिये, डोमेन रजिस्टर के लिए बहुत से वेबसाइट है ..

2.डोमेन रजिस्टर करे

5 बडिया डोमेन रजिस्टर वेबसाइट के वारे में यहाँ बताया हुआ है, आप इनका use कर सकते है.. 

3.Domain sell करे जादा कीमत में
अब आपका अधा काम तो हो चूका है, वास अब आपको अब उनसे कांटेक्ट करना है जो आपके डोमेन में interested हो और उसको खरीदना चाहे..

अगर आप किसी को जानते है, जो आपको लगता है की ये डोमेन इनके काम का है तो आप डायरेक्ट उनसे संपर्क करके उनसे कह सकते है की अगर आपको ये डोमेन चाइये तो में इतने रुपया में आपको दे सकता हु .. तो ऐसे में अगर उनको उसकी जरुरत होगी तो वो आपसे जरुर खरीदेगे..

पर अगर आपने बडिया डोमेन रजिस्टर तो कर लिया है पर ऐसा कोई नहीं है जो उसको खरीदना चाहे तो आप Domain sell वेबसाइट का use कर सकते है..

Top 5 Popular Domain Selling Websites.

 

 1. Flippa: Flippa सबसे Popular Website है जिस पर लाखों लोग Trust करते हैं। आप इस वेबसाइट पर Website, Domain Name और Apps Buy और Sell कर सकते हैं।

Flippa की एक ओर खासियत यह है कि यहाँ पर आपको उन Domains और Websites की लिस्ट भी मिल जाएगी जो कुछ टाइम बाद Expire होने वाले हैं।

यह वेबसाइट आपको डोमेन को Sell करने के लिए 2 Option Provide कराती हैं,

1.Auction
2.Classified


2..Godaddy Auction: Goddady के बारें में तो सभी जानते ही होंगे। एक ऐसी पॉपुलर और ट्रस्टेड वेबसाइट है जहाँ से आप चीप प्राइस में डोमेन buy और sell कर सकते हैं। Goddady पर Domain Sell करने के लिए आपको Auction Account Join करना होगा..

Goddady पर Auction को Join करने के 400 रूपये साल के Pay करने होंगे। आप Goddady पर 4 Steps को Fill करके Join कर सकते हैं.. 

3. Sedo.com: यह भी एक Domain Sell करने के लिए बहुत Popular Website हैं। इस वेबसाइट पर आप Domain Name Buy, Domain Sell और अपने Domain को Park कर सकते हैं। Sedo पर Domain Sell करने के लिए आपको सबसे पहले Register होना पड़ेगा..

सही तरीके से Forum को Fill करने के बाद इस वेबसाइट के द्वारा आपके Email Address पर एक Activation Link Send किया जायेगा, जिसे आपको Confirm Account पर क्लिक करके Activate करना हैं। इसके बाद आप रजिस्टर हो जायेंगे। अब आप अपने डोमेन को Sell कर सकते हैं.. 


4. Namejet : Namejet website भी flippa के जैसे ही Expired होने वाले domains की list provide कराती हैं। इस वेबसाइट पर आप Domain को sell कर सकते है।

5. Namepross: Namepross वेबसाइट पर आप अपने डोमेन को Sell कर सकते है और डोमेन को Buy कर सकते हैं और यहाँ पर डोमेन नाम के बारे में Discuss भी कर सकते हैं। इसके साथ ही आप डोमेन buyer से request भी कर सकते हैं..

इन 5 domain selling websites में से आप किसी भी एक वेबसाइट को सेलेक्ट करके डोमेन सेल्ल कर सकते हैं। लेकिन मै आपको Goddady Auction और Flippa पर डोमेन सेल्ल करने के लिए Recommend करूँगा..

Domain Selling Website एक तरह से डोमेन Seller और Buyer के बिच Mediator का काम करती हैं। सही शब्दों में कहूं तो दलाल का काम करती हैं। जब आपका Domain Sell हो जाता हैं तो Domain Sell करने वाली वेबसाइट Selling Price में से कुछ % खुद रखती हैं और बाकि का पैसा हमें दे देती हैं.. 


तो अब आप समझ ही गए होंगे की आपको किस प्रकार का Domain Buy करना है और कहाँ पर Sell करना हैं। फिर भी अगर आपका कोई सबल है तो आप comment करके पुच सकते है.. 
                     
                            यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
तो मेरे FACEBOOK PAGE को LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU..
 

Wednesday, February 21, 2018

12:06:00 AM

कैसे चेक करें पिछले 6 महीने कहां इस्तेमाल हुआ आपका आधार कार्ड

कैसे  चेक करें पिछले 6 महीने कहां इस्तेमाल हुआ आपका आधार कार्ड


अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके आधार कार्ड को पिछले छह महीने में आपने कहां इस्तेमाल किया है तो बस इन स्टेप्स को फॉलो करें..
आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की कैसे  चेक करें पिछले 6 महीने कहां इस्तेमाल हुआ आपका आधार कार्ड अगर आप घर पर बैठे हैं और अपने आधार ऑथिनटिकेशन की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो यह काफी आसान प्रक्रिया है। इसका मतलब है कि आपने पिछले छह महीनों में अपने आधार को कहां इस्तेमाल किया इसका पता लगा सकते हैं। अगर आपको दिखाई देता है कि आपके आधार का गलत इस्तेमाल किया गया है तो आप इसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं..

उदहारण के तौर पर UIDAI ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि इस सुविधा का उपयोग ऑथिन्टिकेशन डिटेल देखने और आधार ऑथिन्टिकेशन हिस्ट्री (नोटिफिकेशन) डाटा प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। साथ ही, इस सुविधा का ऑनलाइन उपयोग करने के लिए आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की जरुरत होगी..
यह भी पढ़े.

भारत में लाँच हुवा Gmail गो Apps जाने इसके बारे में 





1. सबसे पहले आप उस लिंक पर जाने के लिए यहाँ किल्क करे 
2. इसके बाद रिक्यूएस्ट बॉक्स में अपना 12-डिजिट का आधार नंबर डालें और नीचे सिक्योरिटी कोड में राइट की ओर दिखाए गए नंबर को लिखें..

3. इसके बाद ‘Generate OTP’ पर क्लिक करें। OTP आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर आएगा..
4. इसके बाद एक पेज ओपन होगा, जहां आपसे कब से कब तक का डाटा देखना चाहते हैं से लेकर ओटीपी दर्ज करने के लिए कहा जाएगा..
5. ध्यान रहे कि आप सिर्फ 6 महीने का ही डाटा देख सकते हैं। ऐसा करने पर आपके सामने डेट, समय के साथ आधार कार्ड में इस्तेमाल की गई सभी जानकारी सामने होंगी..

                               यह पोस्ट आपको कैसे लगी अपना राय जरुर दे 
         तो मेरे FACEBOOK PAGE को LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU...

Tuesday, February 20, 2018

1:56:00 AM

भारत में लाँच हुवा Gmail Go Apps जाने इसके बारे में



भारत में लाँच हुवा Gmail Go Apps जाने इसके बारे में

गूगल का Gmail Go एप केवल एंड्राइड प्लेटफॉर्म के लिए लॉन्च किया गया है..
आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की भारत में लाँच हुवा Gmail Go Apps जाने इसके बारे  गूगल ने जीमेल के लिए अपना लाइट वर्जन एप Gmail Go लॉन्च कर दिया है। Gmail Go एप लाइट वर्जन है ​और इसे 1जीबी से कम रैम वाले डिवाइस पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इससे पहले गूगल यूट्यूब, जीबोर्ड, गूगल असिस्टेंट एप का भी Go वर्जन लॉन्च कर चुका है।
यह भी पढ़े.
अपने Gmail Acount में Signature कैसे लगते है?
Gmail Go एप को फिलहाल केवल एंड्राइड प्लेटफॉर्म के लिए पेश किया गया है। यह एप कम डाटा की खपत करता है। कंपनी ने इस एप को कुछ चुनिंदा देशों मेें ही लॉन्च किया है जिसमें भारत भी शामिल हैं। भारत में गूगल प्ले स्टोर पर लिस्ट हो चुके इस एप को मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता हैं..



Gmail Go एप का आकार केवल 9.51एमएबी है जबकि मूल जीमेल का आकार 20,66एमबी है। Gmail Go एप की खासियत है कि इसमें यूजर्स उन सभी फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जो साधारण जीमेल पर उपलब्ध होते हैं। किंतु इसमे इमेज लोड होने पर समय लगेगा और कम लोड होंगी। इसमें आप स्मार्टफोन इनबॉक्स जैसे फीचर्स का भी उपयोग कर सकते हैं..
Gmail Go एप में आपको मल्टीपल अकाउंट सपोर्ट, कंर्वेसेशन व्यू, अटैचमेंट और नए मैसेज के लिए नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स की भी सुविधा मिलेगी। यह अलग-अलग टैब में प्रमोशनल और सोशल ईमेल को वर्गीकृत करता है, जैसे कि जीमेल करता है, साथ ही पहले यह मित्रों और परिवार के मैसेज को प्राथमिकता देता है..
गूगल ने Gmail Go के लॉन्च के बारे में औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन यह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो गया है। इसके अलावा गूगल के अन्य गो एडिशन एप में यूट्यूब गो, फाइल्स गो, गूगल गो, गूगल मैप्स गो और गूगल असिस्टेंट गो एप शामिल हैं..
                                    
                                     यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                       तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU...

Monday, February 19, 2018

3:27:00 AM

अपने Gmail Acount में Signature कैसे लगते है?

अपने Gmail Acount में Signature कैसे लगते है?
Hello Friend

आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की अपने Gmail Acount में Signature कैसे लगते है?  जिसे हम Regard भी कहते है और अपने ब्लॉग का भी ईमेल के जरिये अपना ब्लॉग का परचार भी सकते है तो चलिए जान लेते है कैसे लगाते है 

सबसे पहले आप अपना Gmail Acount  Log In कर लीजिये और उसके बाद आप Setting पर जाये 

यह भी पढ़े.

Offline Gmail कैसे खोलते है





अब उसके बाद Scroll कर के निचे आये एक Signature का option है उसमे आप अपनी मन पसन्द से Signature Add कर दीजिये और आप अपनी मनपसंद का इमेज भी लगा सकते है जैसे.की मैंने Gif इमेज लगाया है और Jpg भी इमेज लगा सकते है और 
उसके बाद Save Changes कर दीजिये  जैसे मैंने निचे image में बनाया हु..

अगर आपका इससे Related कोई भी सवाल है तो आप Comment में पूछ सकते है...
          
                              यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                   तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU...

Sunday, February 18, 2018

1:07:00 AM

Computer का वर्गीकरण जाने


Computer का वर्गीकरण जाने

आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की Computerका वर्गीकरण जाने आज के समय में कंप्यूटर हर संभव कार्य करने में सक्षम है। कंप्यूटर के द्वारा जहाँ रोजाना का कार्य जैसे दस्तावेज तैयार करना किसी कार्य का आकलन करना आदि कार्य किये जा रहे हैँ.. वहीं दूसरी ओर जटिल से जटिल बैज्ञानिक कार्य भी कंप्यूटर के द्वारा आसानी से किये जा रहे हैँ..
कंप्यूटर का वर्गीकरण अब तक संरचना , कार्य पध्दति , कार्य करने की छमता , एवम् उनके आकर और कार्य के आधार पर किया जाता रहा है। कल तक जो छमता मिनी कंप्यूटर व् वर्कस्टेशन और मेनफ्रेम कंप्यूटर की होती थी वहीँ आज का पर्सनल कंप्यूटर (PC) और अधिक सक्तिशाली हो गया है..
कंप्यूटर के कार्य करने की छमता में जितना तेजी से विकास हो रहा है उसे देखते हुए कंप्यूटर को एक वर्ग विशेष  की परिधि में सिमित करना अनुचित होगा..
कंप्यूटर को बेहतर समझने के लिए इन्हें तिन वर्गों में बाटा गया है..

1.हार्डवेयर उपयोग के आधार पर.

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर..
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर..
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर..
चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर..


पाचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर..

2. कार्य पद्धति के आधार पर..

एनलॉग कंप्यूटर। (ANALOG COMPUTER)
डिज़िटल कंप्यूटर (DIGITAL COMPUTER)
हाइब्रिड कंप्यूटर। (HYBRID COMPUTER)
एनलॉग कंप्यूटर- (ANALOG COMPUTER)
यह भी पढ़े.

Computer का इतियास जाने 





इसमें बिद्युत के एनलॉग रूप का प्रयोग किया जाता है। इसकी गति धीमी होती है.. एनलॉग कंप्यूटर अध्ययन किये जा रहे प्रणाली का एक मॉडल तैयार करता है। एनलॉग कंप्यूटर में सभी प्रचलन समान्तर तरीके से होते है। इनका प्रयोग मुख्य रूप से तकनिकी तथा वैज्ञानिक क्षेत्र में होता है।..


साधारण घड़ी , वाहन का गति मीटर आदि एनलॉग कंप्यूटिंग के उदाहरण हैँ..


डिजिटल कंप्यूटर (DIGITAL COMPUTER)
डिजिटल कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक संकेतो पर चलते हैं। तथा गाड़ना के लिए द्विआधारि अंक (BINARY SYSTEM 0 या 1) पद्धति का प्रयोग किया जाता है। डिज़िटल कंप्यूटर एक ऐसा विद्युतीय गड़नात्मक उपकरण है जो संख्यात्मक और प्रतीकात्मक जानकारी को निर्दिष्ट गड़नात्मक प्रकियाओं के अनुरूप बदलता है। इनकी गति तिब्र होती है। आज के समय में प्रचलित अधिकांश कंप्यूटर इसी प्रकार के हैं। उदाहरण स्वरूप्- पर्सनल कंप्यूटर (PC)


पॉकेट कंप्यूटर , मेनफ़्रेम कंप्यूटर आदि..

हाइब्रिड कंप्यूटर (HYBRID COMPUTER)

हाइब्रिड कंप्यूटर (HYBRID COMPUTER) एनलॉग कंप्यूटर (ANALOG COMPUTER) और डिजिटल कंप्यूटर (DIGITAL COMPUTER) का मिश्रीत रूप है। हाइब्रिड कंप्यूटर में पहले एक एनलॉग कंप्यूटर का प्रयोग अग्रांत रूप से बेहतरीन लेकिन अपरिपक्व आकड़ा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। उसके बाद मिले परिणाम को डिज़िटल कंप्यूटर में वांछित विशुद्ध परिणाम पाने के लिए भरा जाता है। इसमें गाड़ना तथा प्रोसेसिंग के लिए डिज़िटल रूप का प्रयोग किया जाता है। इनपुट और आउटपुट (INPUT OUTPUT) में एनलॉग  संकेतो का उपयोग होता हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से अस्पताल रक्षा क्षेत्र व विज्ञान आदि में किया जाता है..

3. आकर और कार्य के आधार पर..














मेनफ़्रेम कंप्यूटर (MAINFRAME COMPUTER)
मिनी कंप्यूटर (MINI COMPUTER)
माइक्रो कंप्यूटर (MICRO COMPUTER)
सुपर कंप्यूटर (SUPER COMPUTER)

मेनफ़्रेम कंप्यूटर (MAINFRAME COMPUTER)
मेनफ़्रेम कंप्यूटर आकार में काफी बड़े होते हैं..
मेनफ़्रेम कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर की संख्या भी अधिक होती है..
मेनफ़्रेम कंप्यूटर अपनी एकल संगड़नात्मक कार्यगति एवम् क्षमताओं के लिए नहीं बल्कि आंतरिक इंजियनियरिग उच्च विस्वसनीयता एवम् व्यापक सुरक्षा उत्पादन सुबिधाएं और उच्चदर्जिय उपयोग का भारी समर्थन करने के लिए माने जाते हैं।
मेनफ़्रेम कंप्यूटर के कार्य करने और संग्रहण की क्षमता अत्यंत अधिक तथा अत्यंत तिब्र होती है..
इनपर कई लोग अलग अलग कार्य कर सकते है। इनका उपयोग बड़ी कंपनिया , बैंक , अंतरिक्ष , अनुसन्धान आदि क्षेत्र में किया जाता है..

मिनी कंप्यूटर (MINI COMPUTER)

इनका आकार मेनफ़्रेम कंप्यूटर से छोटा तथा माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है। इनका आकार लगभग एक फ्रीज़ जितना होता है..
मिनी कंप्यूटर में एक से अधिक माइक्रो प्रोसेसर (MICRO PROCESSOR) का प्रयोग किया जाता है। इनकी गति तिब्र होती है। मिनी कंप्यूटर पर कई व्यक्ति एक साथ काम  सकते हैं..
इनका उपयोग मुख्य रूप से यात्री आरक्षण , बड़े ऑफिस अनुसन्धान आदि में किया जाता है..

माइक्रो कंप्यूटर (MICRO COMPUTER)

इसका विकास 1970 से प्रारम्भ हुआ जब सीपीयू (CPU) में माइक्रो प्रोसेसर का उपयोग किया जाने लगा। माइक्रो कंप्यूटर (MICRO COMPUTER) का प्रभावशाली प्रोधोगिक तकनीक , व्यक्तिगत संगड़क तथा कार्य स्थल संगड़क के पीछे प्रमुख रूप से रहा है..मल्टीमीडिया और इंटरनेट के विकास ने माइक्रो कंप्यूटर की उपयोगिता को हर क्षेत्र तक पंहुचा दिया है..
इनका उपयोग विद्यालय , घर , व्यापार , ऑफिस , मनोरंजन , रक्षा आदि क्षेत्रो में किया जा रहा है..

माइक्रो कंप्यूटर का स्वरूप..

1. पर्सनल कंप्यूटर (PC)
2. नोटबुक या लैपटॉप कम्प्यूटर (NOTEBOOK OR LAPTOP COMPUTER)
3. पॉमटॉप (PALMTOP)
4. वर्क स्टेशन (WORK STATION)


सुपर कंप्यूटर (SUPER COMPUTER)

सुपर कंप्यूटर अब तक का सबसे शक्तिशाली और मंहगा कंप्यूटर है। इसमें कई प्रोसेसर समानांतर क्रम में लगे रहते है। सुपर कंप्यूटर को महा संगड़क के नाम से भी जाना जाता है। महा संगड़क नाम अपने आप में खुद परिवर्तनशील है। सुपर कंप्यूटर में मल्टी प्रोसेसिंग और समानांतर प्रोसेसिंग का उपयोग किया जाता है..
सुपर कंप्यूटर पर कई व्यक्ति एक साथ कार्य कर सकते हैं..
इसका उपयोग तेल की खानो का पता लगाने , अंतरिक्ष अनुसन्धान , मौसम पूर्वानुमान , भूगर्भीय सर्वेक्षण , वैज्ञानिक अनुसन्धान प्रयोगशालाओ , सैन्य एजेंसियों आदि में किया जाता है..
                  यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
         तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU...

Saturday, February 17, 2018

11:46:00 PM

Computer का इतियास जाने

Computer का इतियास जाने
आज मै इस पोस्ट में बताऊंगा की Computer का इतियास जाने.. हम कंप्यूटर सिखने जाते हैं तो हमे कंप्यूटर के बारे में कुछ न कुछ जरूर जानना चाहिए जो हमारे सिखने की क्षमता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाता है उन्ही में से एक है Computer History in hindi कंप्यूटर का इतिहास हिंदी में, और भी बहुत सी जानकारी जैसे कंप्यूटर की संरचना , कंप्यूटर का वर्गीकरण , कंप्यूटर कार्य कैसे करता है यब सब चीजें हमे जानना चाहिए इनके बारे में पहले ही Vinay Computerपर बताया जा चूका है जिसे आप देख सकते हैं। अब बात करते हैं Computer History की जिसमे आपको बताया गया है की कंप्यूटर कैसे बना कैसे इसकी खोज हुई कौन से ऐसे महान आविष्कारक थें जिनकी वजह से हम आज Computer का होना सम्भव हुआ तो आइये देखते हैं कंप्यूटर का इतिहास  हिंदी में..
आप अपने जीवन में बहुत सारे आविष्कार के
बारे में जानते होंगे या सुने होंगे। जो हमारे समाज में सब कुछ बदल कर रख देता है..
उन आविष्कारो में एक कंप्यूटर है।  आप कंप्यूटर के बारे में जानते होंगे या कम से कम कंप्यूटर का नाम तो सुना होगा। कंप्यूटर क्या है। कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ। कंप्यूटर देखने में पहले कैसा था। कंप्यूटर का प्रयोग पहले कैसे किया जाता था। कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया। ऐसे बहुत सारे सवाल हमारे मन में आते हैं..
यह भी पढ़े.
बिना Keyboard के सिर्फ बोलकर कैसे कुछ भी लिखते है?
कंप्यूटर ने  दुनिया भर के लोगो की सोचने समझने यहाँ तक की रहन सहन के तौर तरीको कार्य करने के तरीको को बदल कर रख दिया..
इसी को कंप्यूटर क्रांति माना जाने लगा। पर ऐसा नहीं कहा जा सकता है की कंप्यूटर की खोज इस सदी में हुई। अंको एवम् गड़ना का प्रयोग तो मानव जाती के विकास क्रम के सुरुआत से ही रहा है। सुरुआती क्रम में हाथो से रेखाएं खीचना, चिन्हों को बनाना। हाथ के उँगलियों का उपयोग करना। मृत प्राणीयो के हड्डी का उपयोग करना आदि कार्य किया जाता था..
अब तक जो स्रोत ज्ञात हुए हैं उनके अनुसार शून्य के इस्तेमाल का सर्वप्रथम उल्लेख हिंदुस्तान के प्राचीन खगोलसास्त्री एवम् गणीतज्ञ  आर्यभट्ट द्वारा रचित गणीतिय खगोलसास्त्र ग्रंथ आयभट्टिय के संख्या प्रड़ाली में शून्य तथा उसे दर्शाने का विशिष्ठ संकेत सम्मिलित था। तब से संख्याओ को शब्दों में प्रदर्शित करने का चलन प्रारम्भ हुआ..
भारतीय लेखक पिंगला (PINGALA) ने छ्न्द शास्त्र का वर्णन किया। इनका काल 400 ईसा पूर्व से 200 ईसा पूर्व अनुमानित है..
 छ्न्द शास्त्र में मेरु प्रस्तार (पास्कल त्रिभुज) द्विआधारी संख्या (BINARY NUMBERS) एवम् द्विपद प्रमेय (BINOMIAL THEOREM) मीलते हैं..
इसी अंक 0 तथा अंक 1 का प्रयोग कंप्यूटर की संरचना में प्रमुख रूप से किया गया..
कंप्यूटर शब्द का चलन आध्ुनिक कंप्यूटर के अस्तित्व आने के पहले से ही होता रहा है..
पहले जटिल गड़नाओ को हल करने के लिए उपयोग में होने वाले अभियांत्रिक मशीनो को चलने वाले विशेसज्ञ को कंप्यूटर कहा जाता था..
ऐसे जटिल गड़नावो को हल करना बेहद कठिन ही नहीं बल्कि अत्यधिक समय भी लग जाता था। इनको हल करने के लिए मशीनो का आविष्कार हुआ। और समय समय पर उनमे कई परिवर्तन भी होते चले गए। उनमे सुधार होते गए..

बैज्ञानिकी खोज और उनमे हुए कई महत्वपुर्ण आविष्कारो ने कंप्यूटर के आधुनिकी 
करण में बहुत योगदान दिया है..

(Computer का इतियास )

यंत्र विशेसज्ञ से आगे बढ़कर अभियांत्रिक मशीनों का बनना , विद्युतचलित यंत्रो का आविष्कार , फिर आधुनिक कंप्यूटर का स्वरूप
मिलना ये कंप्यूटर आविष्कार के क्रमागत उन्नति पथ हैं..


3000 ईसा पूर्व में गड़ना करने वाले यन्त्र का उल्लेख किया जाता है। जिसे गिनतारा (ABACUS) के नाम से जाना जाता है। गिनतारा (ABACUS) में कई छड़ें होती हैं। जिनमे कुछ गोले लगे होते हैं। जिनके जरिये जोड़ने और घटाने का कार्य किया जाता था..
परन्तु इससे गुड़ा या भाग नहीं किया जा सकता था..
ABACUS को गड़क साचा भी कहा जाता है..
जिसका प्रयोग एशिया के भागो में अंकगड़तीय
प्रकार्यो के लिए किया जाता था। आज गिनतारा अपने वर्तमान रूप में तारो पर बधा मोतियो वाला एक बास फ्रेम के रूप में दिखाई देता है..
परन्तु ये मूल रूप से लकड़ी या फलो के बीजों या पत्थर या धातु की गोलियों को रेत में खाँचे (क्यारियों) में चलाकर प्रयोग किये जाते थे..
( Computer के बारे में)
1600वीं सदी से लेकर 1970 तक कंप्यूटर का विकास बहुत तेजी से हुआ..

सन् 1600 के दशक  में विलियम ऑट्रेड (WILLIAM OUGHTRED ) ने स्लाइड रूल (SLIDE RULE) का निर्माण किया। इसे विसर्पी गणक भी कहा जाता है..
अपने मूल रूप में स्लाइड रूल में दो पटरियाँ होती हैं।जो एक दूसरे के सापेक्ष सरक (SLIDE) सकती हैं। इनपर 1 से 10 तक निशान बने होते हैं। जो लघुगड़कीय पैमाने पर होते हैं.. 1से 2 तक की दुरी और 2 से 3 तक की दुरी सामान नहीं होती हैं.. जैसा की सधारण पटरियों में होती हैं..
1642 ईसवी में ब्लेज़ पास्कल (BLAISE PASCAL) ने पास्कलाइन (PASCALINE) नाम का यंत्र बनाया..
सन् 1672 ईसवी में गाटफ्रीड लैबनिट्ज (GOTTFRIED WILHELM LEIBNIZ) ने 
Leibniz Step Reckoner नामक यन्त्र बनाया जो की जोड़ घटना गुड़ा भाग क्रियाएँ कर सकता था..
1822  ईसवी में चार्ल्स बेबेज (CHARLES BABBAGE) ने डिफरेंन्सिअल इंजन (DIFFERENCE ENGINE)का आविष्कार किया। तथा 1837 ईसवी में एनालिटिकल इंजन (ANALYTICAL ENGINE) का आविष्कार किया।
यह भी पढ़े.


Computer के बारे में कुछ तथ्य






जो धनभाव के कारन पूरा न हो सका..
कहा जाता है की तभी से आधुनिक कंप्यूटर की सुरुआत हुई। चार्ल्स बैबेज (CHARLES BABBAGE) को कंप्यूटर का जनक भी कहा जाता है..
चार्ल्स बैबेज एक गणितज्ञ, दार्शनिक, आविष्कारक और यांत्रिक इंजीनियर थे, जो वर्तमान में सबसे अच्छे कंप्यूटर प्रोग्राम की अवधारणा के उद्धव के लिए जाने जाते हैं..

चार्ल्स बैबेज को अधिक जटिल डिजाइन करने के लिए नेतृत्व में पहली यांत्रिक कंप्यूटर की खोज करने का श्रेय दिया जाता है..


1941 ईसवी में कोनार्ड जुसे (KONRAD ZUSE) द्वारा ZUSE 3 का निर्माण किया गया। जो द्विआधारी अंकगणितीय (BINARY ARITHMETIC)
एवं चल बिन्दु अंकगणितीय (FLOATING POINT ARITHMETIC)
संरचना पर आधारित सर्वप्रथम विद्युतीय कंप्यूटर था..
1946 में अमेरिकी सैन्य शोधशाला ने ENIAC (ELECTRONIC  NUMERICAL INTEGRATOR AND COMPUTER)  का निर्माण किया जो की दशमिक अंकगणितय (DECIMAL ARITHMETIC)
संरचना पर आधारित सर्वप्रथम कंप्यूटर बना.. जो आगे चलकर आधुनिक
 कंप्यूटर के विकास का आधार बना..
एक पहला आम-उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था..यह एक पूर्ण-ट्यूरिंग वाला, डिजिटल कंप्यूटर था जिसे संगणना की सम्पूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए पुनः प्रोग्रामित किया जा सकता था।  ENIAC को संयुक्त राज्य अमेरिका के बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के लिए तोपखाने की फायरिंग तालिकाओं की गणना करने के लिए डिज़ाइन किया गया था..
सन् 1947 में MANCHESTER SMALL-SCALE
EXPERIMENTAL MACHINE एक ऐसा कंप्यूटर बना जो की प्रोग्राम (PROGRAM) को वैक्युम ट्यूब 
(VACUUM TUBE) में संरक्षित कर सकता था..
आगे इसी क्रम में कई परिवर्तन हुए और आधुनिक कंप्यूटर आया..

                    यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
          तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU.. 

1:33:00 AM

बिना Keyboard के सिर्फ बोलकर कैसे कुछ भी लिखते है?

बिना Keyboard के सिर्फ बोलकर कैसे कुछ भी लिखते है?
आज के इस पोस्ट में मैं बताऊंगा की बिना Keyboard के सिर्फ बोलकर कैसे कुछ भी लिखते है?
कोई भी जब पीसी या लैपटाप पर कुछ टाइप करना हो और यदि टाइपिंग का ज्ञान न हो तो कोई भी सामग्री को टाइप करना बड़ा ही मुश्किल काम हो जाता है। और यदि टाइपिंग का ज्ञान हो भी पर टाइप करने की सामग्री बहुत ही ज्यादा हो यानी बहुत ज्यादा टाइप करना हो तब भी टाइप करने का काम एक मुश्किल काम जैसा ही लगता है..
क्या आप भी इस तरह के परेशानी से जूझते हैं? सोचें कि कितना अच्छा होता यदि आप बोलते जाते और पीसी या लैपटाप खुद आपके द्वारा बोले शब्दों को टाइप कर लेता! तो आइये आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि किस प्रकार आप अपने पीसी या लैपटाप पर बिना कीबोर्ड के बोलकर टाइप कर सकते हैं..

पीसी या लैपटाप पर voice typing यानि बोलकर टाइप करने की सुविधा google docs में उपलब्ध है। पर इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको इंटरनेट की कनैक्शन आवश्यक है। आइये मैं क्रमवार आपको बताता हूँ कि किस प्रकार आप इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं..

ऐसे करें कंप्यूटर पर टाइप बिना कीबोर्ड के सिर्फ बोल कर.
1. सबसे पहले अपने पीसी या लैपटाप का इंटरनेट कनैक्शन चेक करें। यदि इंटरनेट कनैक्शन चालू नहीं है तो इसे चालू करें यानी अपने सिस्टम को इंटरनेट से जोड़ें..
यह भी पढ़े.
Offline Gamil को  कैसे खोलते है?
2. अब आप अपने browser में google docs को खोलें। इस आप इस लिंक पर क्लिक करके या अपने browser के address बार में इसे टाइप करके भी इसे खोल सकते है: तो उस लिंक पर जाने के लिए यहाँ किल्क करे  यदि sign in करने की आवश्यकता हो तो sign in करें
3. अब google docs में आप new blank document खोलें..
4. इस blank document में ऊपर मेनू में tools पर क्लिक करें..

5. Tools मेनू में voice typing का चुने करें..
6. अब आप देखेंगे कि बाएँ तरफ भाषा चयन करने के लिए व वहाँ क्लिक करके स्टार्ट करने का ऑप्शन आया होगा। यहाँ पर भाषा वाले triangle पर क्लिक करके आने वाले ड्रॉप डाउन मेनू से आप अपने पसंद के उस भाषा को चुनें जिस भाषा में आप टाइप करना चाहते हैं..

अब वहाँ बने माइक्रोफोन के पास क्लिक करने आप voice typing स्टार्ट करें..

अब आपको जो भी टाइप करना हो उसे शांति पूर्वक बोलें। आप देखेंगे कि आप जो भी बोल रहे हैं वह खुद-ब-खुद सिस्टम में टाइप होते जा रहा है..
अब आप इस टाइप किए हुये सामग्री में हुये गलती को सुधार करके कॉपी-पेस्ट करके अन्य किसी भी स्थान पर प्रयोग कर सकते हैं..

तो है न यह कमाल का आइडिया? तो इस ट्रिक का उपयोग करके आप भी हाथ व कीबोर्ड से typing करने के झंझट से मुक्ति पा सकते हैं। पर इस ट्रिक से टाइप करने में आपको पूर्णविराम, कॉमा इत्यादि आपको खुद लगाना होगा..

इसके अलावा यदि आपके बोलने में आपके द्वारा बोले गए शब्द के उच्चारण को सिस्टम नहीं समझ पाएगा या गलत समझ जाएगा तो वहाँ वह गलत लिख देगा तो उसे फिर सुधारने का काम भी आपको खुद करना होगा..

अतः इस ट्रिक को अपनाते वक्त आप यह ख्याल रखें कि आप स्पष्ट व शांति पूर्वक बोलें। यदि आप तेजी से बोलेंगे तो सिस्टम उसे नहीं समझ पाएगा और वहाँ वह नहीं लिख पाएगा..
                              
                             यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                     तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU...

12:45:00 AM

Offline Gamil कैसे खोलते है?

Offline Gamil कैसे खोलते है?

मै आज आप लोगो को Offline Gmail कैसे खोलते है? के  बारे में बताऊंगा जो की बहुत का चीज है अगर आपके Gmail से कुछ निकालना है तो उसके लिए आपको Internet की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन मै आपको Offline Gmail के बारे में बताऊंगा अगर आपका Gmail Log in है तो आप उसे Offline खोलकर कुछ भी Data देख सकते है ओ भी बिना internet के आप अपने Google Chrome के Web Store में जाये....
यह भी पढ़े.
कम्प्युटर के बारे में कुछ तथ्य 
आप अपने Google Chrome के Web Store में जाये 


अब आपको Add To Chrome पर Click करे अब इए Download होगा इसके बाद Automatic Google Chrome में जुड़ जायेगा..
                                                   यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                                     तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे THANK YOU.....

Thursday, February 15, 2018

2:05:00 AM

कंप्यूटर के बारे में कुछ तथ्य

कंप्यूटर के बारे में कुछ  तथ्य
आज के इस पोस्ट में मैं बताऊंगा की कंप्यूटर के बारे में कुछ  तथ्य आज कि इस तकनीकी दुनिया मे कोई ही ऐसा होगा जिसने Computer के बारे में नही सुना होगा । क्योंकि आज बहुत से काम Computer की मदद से ही होते है..

आज मैं आपको इस पोस्ट में Computer Facts के बारे में बताने वाला हूँ जिन्हें पढ़कर आप कंप्यूटर के बारे मैं बहुत कुछ जान जायंगे। कंप्यूटर का इस्तेमाल दुनिया में अब कुछ ज्यादा ही होने लगा है क्युकी इससे हम घर बैठे बहुत से काम कर सकते है। वैज्ञानिको की बनाई हुई ये मशीन आज सभी के लिए मददगार साबित हो रही..
Computer Facts.कंप्यूटर के बारे में कुछ  तथ्य 

 1. कंप्यूटर का सबसे पहला अविष्कार 19 वीं सदी मैं हुआ था Charles Babbage ने सबसे पहला Computer बनाया था जिसकी वजह से उनको कंप्यूटर का पिता कहा जाता है..

 2. आपको जानके हैरानी होगी कि कम्प्यूटर स्क्रीन (ComputerScreen) पर दिखने वाले सभी द्रश्य(Visual)केवल तीन रंगों (Red, Green,Blue) से मिलकर बने होते हैं..

 3. क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला USB हार्डवेयर पेन ड्राइव(Pendrive) वर्ष 1999 में आया था। लेकिन बाजार में इसे वर्ष 2000 में उतारा गया था, उस समय इसकी Storage Capacity मात्र 8 MB थी..

 4. दुनिया का सबसे पहला कॉम्प्यूटर कीबोर्ड (Computer Keyboard)का अविष्कार 1968 में किया गया था..

 5. Macintosh दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर था जो कमांड(Command) के बजाय ग्राफिकल यूजर इंटरफसस (Graphical User Interface) पर चलता था..

 6. क्या आप जानते है हर महीने लगभग 5000 कॉम्प्यूटर वायरस (Computer Virus) बनाये जाते हैं..

यह भी पढ़े.
       
 Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे.
7. DOS (Disk Operating System) एक डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि कंप्यूटर के Hardware को Software Interface से Connect करने में मदद करता है..

 8. इंटरनेट Computee का सबसे बड़ा Network है,अब तक इंटरनेट से 17 अरब Devices जुड़ चुकी है..


 9. आज हम कंप्यूटर चलातेसमय जिस Mouse का इस्तेमाल करते है उस कॉम्प्यूटर माउस (Computer Mouse) को सबसे पहले Doug Engelbart ने 1964 में बनाया था जो कि लकडी(Wood) का था.. 

10. अगर एक कंप्यूटर इंसान के दिमाग की तरह होता तो Computer एक सेकंड में 38 हज़ार खरब गणना कर सकता है और 3580 TeraByte Memory को Hold करके रख सकता है..


 11. क्या आप जानते Copy और Paste की खोज Larry Tesler ने की थी..

 12. ENIAC पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर (Electronic Computer) था जिसको सन 1945 से सन 1946 के बीच जॉन विलियम मौचल्स और जॉन प्रेस्पेर एकर्ट द्वारा बनाया गया था..

 13. क्या आप जानते है दुनिया का सबसे पहला Web Browser सन 1933 में में आया जिसका नाम मोज़ेक (Mosaic) था और यह ब्राउज़र उस समय मे काफी Popular था..

 14. आप विश्वास नही करेंगे लेकिन यह सच है की 15 साल के बच्चे ने सबसे बड़ी Space Organization NASA की वेबसाइट को Hack कर लिया था जिसके कारण 21 दिन तक NASA का काम बंद हो गया था..

 15. इंटरनेटपर अभी तक जितने भी जानकारी मौजूद उन सभी जानकारियों का 80% भाग इंग्लिश Language में है..

 16. आप जान कर दंग रह जाएंगे कि कंप्यूटर की Speed इतनी तेज होती है कि यह लगभग 38 हजार ट्रिलियन Counting एक Seconds में कर सकता है..

 17. रे टॉमलीन एक Computer Programer थे जिन्होंने पहला ईमेल(Email) एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर भेजने का आविष्कार किया था। इसी Email में एक Sign (@) At The Ret का प्रयोग किया था। जो आज बहुत कम लोग जानते है ..


 18. अगर आप अपने Computer में किसी भी File का नाम con से Save करेगें तो यह कंप्यूटर में Save नहीं होगा क्योंकि यह Word कंप्यूटर में Secure होता है आप con नाम से कोई फाइल Save करेगें तो This File Name Is Reserved लिख कर आएगा..
19. जैसा कि हम सभी जानते है विकीपीडिया (Wikipedia) Internet पर सबसे बडा एन्साइक्लोपीडिया (encyclopedia) है। इसपर सबसे ज्यादा ट्रैफिक गूगल से आता है विश्व में हर महीने लगभग 5 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इस पर किसी भी तरह से Advertising नही किया जाता और ना ही किसी कंपनी के विज्ञापन दिखाये जाते है..


 20. हार्ड डिस्क के बाहर Data को भेजने व् कंप्यूटर में Data लेने के लिए आज के समय हम Pendrive, CD , DVD जैसी Device का प्रयोग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते है इन डिवाइसों के आविष्कार के पहले Data के Sharing के लिए फ्लॉफी डिस्क(Floopy Disk) का प्रयोग किया जाता था जिसकी Storage Capacity बहुत ही कम होती थी..
                                                     यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                                          तो LIKE करे SHARE करे COMMENT THANK YOU...


Wednesday, February 14, 2018

1:25:00 AM

Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे



Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे
आज इस पोस्ट में मैं बताऊंगा की Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे  आज के समय में सबके पास smart phone होता हैं| चाहे बच्चे हो या जवान सब अपने पास स्मार्टफोन रखते हैं जो उनके बहुत उपयोग में आता हैं | Whatsapp एक ऐसी application हैं जिससे आप किसी से भी उसके पास जाए बिना बात कर सकते हैं| इससे आप किसी से भी sms ,audio call और videocall की मदद से conversation कर सकते हैं| यह application इंटरनेट कनेक्शन द्वारा चलती हैं..



एक समस्या जिससे हर whatsapp इस्तमाल करने वाला व्यक्ति परिचित हैं वो हैं किसी को  मैसेज गलती से सेन्ड हो जाना या किसी दुसरे का मैसेज किसी और को सेन्ड हो जाना.. इस समस्या से हम  सब अवगत हैं| जैसे दोस्तों को सेन्ड करने वाला मैसेज रिश्तेदारों को गलती से सेन्ड हो जाना या फिर GF को सेन्ड होने वाला मैसेज पेरेंट्स को सेन्ड हो जाना, जिससे हमे कठनाईयो का सामना करने पड़ता हैं| आज हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ स्टेप्स के बारे में हिंदी मे जानकारी देंगे..

Whatsapp unsend message: आइये अब हम जानते हैं की अगर किसी के पास गलती से व्हात्सप्प मेसेज सेंड हो जाए तो उसे उसके रीडर के पढने से पहले डिलीट कैसे करे ताकि वह इंसान हमारे द्वारा सेंड किये हुए मेसेज को रीड न कर पाए | आइये जानते हैं whatsapp msg kaise roke यानी की Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे..
Whatsapp पे भेजा हुवा Massage Delete कैसे करे  जिससे कि सामने वाला यूजर आप का मैसेज ना पढ़ पाए आप हमारे दिए हुए स्टेप्स जान सकते हैं..

यह भी पढ़े...

Old Age Pension वृधावस्था पेंशन कैसे आवेदन करे 





1: सबसे पहले आपको अपने फ़ोन के playstore एप्लीकेशन जाना होगा यदि आपका फ़ोन android हैं| अगर windows हैं  तो windows स्टोर में या फिर i phone हैं तो उसके aap store में जाना होगा..

2: Google Playstore में से whatsapp एप्लीकेशन पर click करके इस एप्लीकेशन को install करना होगा..

3: जैसे ही यह एप्प  हो जाए उसके बाद अपने फ़ोन को ओपन करके व्हाट्सप्प वाले आइकॉन पर tap करना होगा..

4 : अब जैसे ही व्हाट्सप्प ओपन हो जाए उसके बाद कॉन्टेक्ट्स में कोई भी कॉन्टेक्ट सेलेक्ट करे जिसको आप मैसेज सेन्ड करना चाहते हैं..

5 : कॉन्टेक्ट सेलेक्ट करने के बाद  उस कॉन्टेक्ट को कोई भी मैसेज सेन्ड करें..

6: जैसे ही मैसेज सेन्ड हो जाए उसके बाद उस मैसेज को सेलेक्ट करने के लिए उस पर long press करे ..

7: जैसे ही मैसेज सेलेक्ट हो जाए तो व्हाट्सप्प मे ऊपर की तरफ आपको एक delete icon दिखाई देगा..

8: जब आप उस delete के icon पर क्लिक करेंगे तो आपको एक popup दिखाई देगा..

9: उस popup में आपको दो ऑप्शन दिखाई देंगे Delete for me और delete for everyone. आपको delete for everyone पर क्लिक करना हैं..


10: क्लिक करने के तुरंत बाद आपका सेन्ड किआ हुआ मैसेज दूसरे के whatsapp से भी हट जाएगा..

नोट : आप सिर्फ मैसेज सेन्ड करने के 7 मिनट के अन्दर ही किसी और को सेंड करा हुआ मैसेज व्हाट्सप्प से delete कर पाएंगे...
                        यह पोस्ट आपको कैसी लगी अपना राय जरुर दे 
                         तो LIKE करे SHARE करे COMMENT करे 

About Post By Admin:-Vinay Kumar Verma

captain_jack_sparrow___vectorदोस्‍तो आप को इस ब्‍लोग के जरीये मेरे पास जो भी जानकारी है कम्‍प्‍यूटर के बारे में या जो भी जानकारी मुझे मिलती है वो जानकारी आप तक पहुचाने का प्रयास करूगा इस ब्‍लोग से आप को कम्‍प्‍यूटर से जुडी जानकारी ही नही और भी जानकारी मिलेगी आप को इस ब्‍लोग पर आने के लिये धन्‍यवाद

इस ब्लॉग की नई पोस्ट अपने ईमेल पर प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरे:

Followers

Facebook Join Group